30 मई का इतिहास (30 May Ka Itihas)
30 मई को क्या है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस
देश और दुनिया में 30 मई का इतिहास कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी है और कई महत्वपूर्ण घटनाएं इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गई हैं। UPSC मुख्य परीक्षा के अलावा कई प्रतियोगी परीक्षाओं और इंटरव्यू में ऐतिहासिक घटनाएं पूछी जाती हैं। इसलिए इस ब्लाॅग में हम 30 मई का इतिहास जानेंगे।
30 मई का इतिहास काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि 30 मई का इतिहास हिंदी पत्रकारिता के लिए भी जाना जाता है। 1826 में आज ही के दिन जुगलकिशोर शुक्ल ने दुनिया के पहले हिंदी साप्ताहिक पत्र उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन कलकत्ता से शुरू किया था।
1987 में आज ही के दिन गोवा को राज्य का दर्जा मिला और गोवा भारत का 26 वां राज्य बना था। 1996 में आज ही के दिन 6 वर्षीय बच्चे गेधुन चोकी नाइया को नया पंचेन लामा चुना गया। 2007 में 30 मई को ही अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर 107 शांति रक्षक पुरस्कृत घोषित हुए थे।
30 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
11-
2012
आज ही के दिन विश्वनाथन आनंद पांचवीं बार विश्व शतरंज चैंपियन बने।
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2008
सुजाना मेटल प्रोडक्ट लिमिटेड ने विशाखापट्टनम में 180 करोड़ रुपये की लागत से तीन स्टील इकाईयों का अधिग्रहण किया।
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अफ़ग़ानिस्तान में एक ज़िले पर तालिबान ने क़ब्ज़ा किया।
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2007
आज ही के दिन अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर 107 शांति रक्षक पुरस्कृत हुए थे।
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2004
30 मई को ही सऊदी अरब में बंधक संकट समाप्त हुआ था लेकिन 2 भारतीयों सहित 22 की हत्या हुई थी।
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2003
नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री लोकेन्द्र बहादुर चंद ने इस्तीफ़ा दिया।
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1998
आज ही के दिन पाकिस्तान ने एक और (छठा) परमाणु परीक्षण किया था।
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1996
आज ही के दिन 6 वर्षीय बच्चे गेधुन चोकी नाइया को नया पंचेन लामा चुना गया था।
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1987
30 मई को ही गोवा को राज्य का दर्जा मिला और यहा भारत का 26 वां राज्य बना था।
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1981
आज ही के दिन बांग्लादेश के राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान और उनके 8 सहयोगियों की हत्या हो गई थी और इसके बाद देश में आपातकाल लागू कर दिया गया था।
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1826
आज ही के दिन प्रथम हिंदी साप्ताहिक पत्र उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन हुआ था।
30 मई को जन्मे व्यक्ति
3-
1935
देबू चौधरी
भारत के प्रख्यात सितार वादक थे।
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1909
पण्डित मुखराम शर्मा
भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के सुप्रसिद्ध कथा, पटकथा और कहानी लेखक।
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1947
वी. नारायणसामी, पुदुचेरी के 10वें मुख्यमंत्री।
30 मई को हुए निधन
9-
2016
देवेगोड़ा जवरेगोड़ा
कन्नड़ लेखक, लोक गीतकार, शोधकर्ता और विद्वान थे।
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2000
आज ही के दिन आधुनिक हिंदी साहित्य में सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि रामविलास शर्मा का निधन हुआ था।
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1606
गुरु अर्जन देव
सिक्खों के पाँचवें गुरु।
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1991
उमाशंकर दीक्षित
'भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन' के पुरोधा एवं मानवता के पुजारी और राष्ट्रवाद के अग्रदूत।
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2000
रामविलास शर्मा
आधुनिक हिन्दी साहित्य में सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि
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2013
ऋतुपर्णो घोष
बंगाली फ़िल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक, लेखक और अभिनेता।
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1955
एन. एम. जोशी
भारत में 'ट्रेड यूनियन आंदोलन' के जन्मदाता थे।
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1989
वीर बहादुर सिंह
भारतीय राजनेता तथा राजनीतिज्ञ थे।
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1778
30 मई के दिन ही महान फ्रांसीसी दार्शनिक और लेखक वॉल्तेयर का निधन हुआ था।
30 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
1- हिन्दी पत्रकारिता दिवस (हिन्दी के पहले साप्ताहिक 'उदन्त मार्तण्ड' के प्रथम प्रकाशन के अवसर पर)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
30 मई को इतिहास में क्या हुआ था?
30 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ: 2012 – आज ही के दिन विश्वनाथन आनंद पांचवीं बार विश्व शतरंज चैंपियन बने; 2008 – सुजाना मेटल प्रोडक्ट लिमिटेड ने विशाखापट्टनम में 180 करोड़ रुपये की लागत से तीन स्टील इकाईयों का अधिग्रहण किया; अफ़ग़ानिस्तान में एक ज़िले पर तालिबान ने क़ब्ज़ा किया; 2007 – आज ही के दिन अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर 107 शांति रक्षक पुरस्कृत हुए थे; 2004 – 30 मई को ही सऊदी अरब में बंधक संकट समाप्त हुआ था लेकिन 2 भारतीयों सहित 22 की हत्या हुई थी।
30 मई को किन प्रसिद्ध व्यक्तियों का जन्म हुआ था?
30 मई को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति: देबू चौधरी (1935), पण्डित मुखराम शर्मा (1909), वी. नारायणसामी, पुदुचेरी के 10वें मुख्यमंत्री (1947)।
30 मई को किन प्रसिद्ध व्यक्तियों का निधन हुआ था?
30 मई को निधन हुए प्रसिद्ध व्यक्ति: देवेगोड़ा जवरेगोड़ा (2016), आज ही के दिन आधुनिक हिंदी साहित्य में सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि… (2000), गुरु अर्जन देव (1606), उमाशंकर दीक्षित (1991), रामविलास शर्मा (2000)।
30 मई को कौन सा दिवस मनाया जाता है?
30 मई को मनाए जाने वाले अवसर एवं उत्सव: हिन्दी पत्रकारिता दिवस (हिन्दी के पहले साप्ताहिक 'उदन्त मार्तण्ड' के प्रथम प्रकाशन के अवसर पर)।