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पहले अटेम्‍प्‍ट में स्‍कोर किया 99.96 परसेंटाइल; जेईई मेन टॉपर ऋषि के टिप्‍स

मेरा नाम ऋषि सोनगिरकर है। 24 अप्रैल को जारी JEE Mains 2024 सेशन 2 में मेरी AIR 642 रैंक आई है। इस एग्जाम में मैंने 99.96% परसेंटाइल हासिल कर भोपाल में पहला स्थान प्राप्त किया है।

मैंने इस एग्जाम के लिए 11वीं कक्षा से तैयारी शुरू की थी, लेकिन पढ़ाई में मैं उन लोगों से पीछे था जिन्होंने इस एग्जाम की तैयारी 9वीं क्लास से शुरू कर दी थी।

ऋषि की सक्सेस के 6 फॉर्मूले

1. जब भी मार्क्स कम आएं, फौरन खुद को मोटिवेट कर आगे की तैयारी में जुट जाएं

2. अगर पढ़ाई में 2-3 दिन का गैप हो जाए तो कंसिस्टेंसी खराब होती है। हर दिन पढ़ना जरूरी है

3. एग्जाम पैटर्न के बेसिस पर रूटीन बनाएं। इसे जेईई मेन से लेकर एडवांस्ड तक फॉलो करें

4. NCERT की किताबों से पढ़ें। कंसेप्ट्स क्लियर होंगे तो आप ट्रिकी सवालों के भी जवाब दे पाएंगे

5. एग्जाम से पहले रिजल्ट के बारे में न सोचें। पॉजिटिव रहकर पेपर की तैयारी करें

6. सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। एग्जाम तक अपना पूरा फोकस सिर्फ तैयारी पर रखें

लॉकडाउन में शुरू की थी अगली क्‍लास की पढ़ाई

जिस साल मैंने 10वीं की परीक्षा दी थी, उस साल लॉकडाउन के चलते परीक्षा देरी से हुई थी। बोर्ड एग्जाम की तैयारी के बाद मेरे पास एक्स्ट्रा टाइम था। इसलिए मैंने 11वीं के कुछ चैप्टर्स की प्रिपरेशन उन्हीं दिनों में कर ली थी। उसके बाद जब 11वीं क्लास का सेशन शुरू हुआ तो मैं आगे के टॉपिक्स की पढ़ाई करने लगा।

पढ़ाई का यही सिलसिला 11वीं क्लास के आधे साल तक चलता रहा। लॉकडाउन के दौरान मैंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पर वर्क किया। तभी मुझे ये लगा कि मैं जेईई मेन जैसी एग्जाम क्लियर कर सकता हूं

सबसे ज्‍यादा फोकस मॉक टेस्ट पर किया

12वीं शुरू होते ही मैंने JEE Mains की तैयारी शुरू कर दी। इसके लिए सबसे पहले मेरा फोकस मॉक टेस्ट पर रहा। जब जेईई सेशन 1 पूरा हुआ तो मैंने डिलिटेड टॉपिक्स पर भी फोकस किया ताकि मैं सेशन 2 की पूरी तैयारी कर सकूं। मुझे लगता है इसी वजह से मैं JEE Mains 2024 सेशन 2 में अपना स्कोर बढ़ा पाया।

एग्जाम प्रिपरेशन के लिए ऋषि की स्ट्रेटेजी

1. फिजिक्स में 11वीं के बेसिक चैप्टर पर ध्यान दें क्योंकि यही 12वीं में दूसरे चैप्टर में काम आते हैं।

2. केमेस्ट्री में ऑर्गेनिक और इन ऑर्गेनिक स्कोरिंग सब्जेक्ट हैं। इस पर फोकस करें।

3. मैथ्स में क्वेश्चन मॉडल्स पर फोकस करें क्योंकि वे कई बार जेईई मेन एग्जाम में रिपीट होते हैं।

4. अपने डाउट्स क्लियर करें ताकि एग्जाम में आप अपना शत-प्रतिशत परफॉर्मेंस दे सकें।

5. यू ट्यूब से चैप्टर वाइज या सब्जेक्ट वाइज टेस्ट दें।

6. जो लेक्चर क्लास में पढ़ाए जाएं, उन्हें ध्यान से सुनें।

टीचर्स ने तैयारी में ब्रेक नहीं आने दिया

मेरे पेरेंट्स और टीचर्स ने पढ़ाई में मेरा पूरा साथ दिया। मैं अपनी सफलता का श्रेय भी अपने माता-पिता, मेरे स्कूल श्री भवंस भारती के टीचर्स और आकाश इंस्टीट्यूट की सभी फैकल्टी को दूंगा। मुझे जब भी कोई डाउट हुआ, मैंने फौरन अपने टीचर्स से उसे क्लियर किया। इसी वजह से मेरी तैयारी में कोई ब्रेक नहीं आया।पेरेंट्स के मॉरल सपोर्ट से मिली कामयाबी

मुझे लगता है एक स्टूडेंट की कामयाबी में उसके पेरेंट्स का साथ हमेशा जरूरी है। वे अपने बच्चे की फिटनेस का ख्याल रखने के साथ ही उसे इमोशनली सपोर्ट कर सकते हैं। बच्चों पर किसी भी ऐसे कोर्स को करने के लिए दबाव न बनाएं जिसमें उनका इंटरेस्ट नहीं हो। उन्हें उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने दें, जिसमें वे आगे जाना चाहते हों ताकि बेहतर परफॉर्म कर सकें। मुझे मेरे माता-पिता का पूरा सपोर्ट मिला जिसका परिणाम एग्‍जाम में दिखा।

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