डॉ. तरुण जैन, फिरोजपुर। जीरा विधानसभा क्षेत्र में रविवार को उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब अपराध की दुनिया से नाम जुड़ने के बाद पिछले कुछ समय से समाजसेवा और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय गुरप्रीत सिंह सेखों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया।
सेखों को पार्टी में शामिल करवाने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं जीरा पहुंचे। इस दौरान आयोजित जनसभा में हजारों की संख्या में उनके समर्थक और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जुटे। समर्थकों ने सेखों और आम आदमी पार्टी के समर्थन में जमकर नारेबाजी कर इसे बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया।
अदालत से सजा भी मिल चुकी है
गुरप्रीत सिंह सेखों के आप में शामिल होने को जीरा की राजनीति में इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उनका अतीत आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। उपलब्ध पुलिस एवं अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ अलग-अलग समय में 47 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना और उसमें दोषी साबित होना अलग-अलग बातें हैं। नाभा जेल ब्रेक मामले में अदालत से उन्हें सजा भी हो चुकी है।
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नाभा जेल ब्रेक कांड में आया था नाम
गुरप्रीत सिंह सेखों का नाम नवंबर 2016 के बहुचर्चित नाभा जेल ब्रेक कांड में प्रमुख साजिशकर्ताओं में सामने आया था। इस मामले में बाद में पटियाला अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई। फरवरी 2017 में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। नवंबर 2023 में वह जमानत पर जेल से बाहर आए। उनके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं से जुड़े मामलों का भी रिकॉर्ड बताया जाता है।
परिवार की महिलाएं भी चुनावी राजनीति में सक्रिय
सेखों का परिवार भी लंबे समय से इलाके की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। उनकी धर्मपत्नी सहित परिवार से जुड़ी अन्य महिला सदस्य स्थानीय जिला परिषद चुनाव जीत चुकी हैं। ऐसे में सेखों की राजनीतिक सक्रियता को केवल व्यक्तिगत राजनीतिक कदम के बजाय इलाके में परिवार के प्रभाव और समर्थक आधार से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
नगर निकाय चुनावों में भी बढ़ा था प्रभाव
पिछले कुछ समय से गुरप्रीत सिंह सेखों के आम आदमी पार्टी की ओर झुकाव की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही थी। उनके समर्थकों की सक्रियता का असर नगर निकाय राजनीति में भी देखने को मिला। तलवंडी भाई नगर कौंसिल के अलावा मुदकी और ममदोट नगर पंचायतों में आप समर्थित उम्मीदवारों के प्रधान बनने के पीछे भी सेखों के समर्थन और राजनीतिक प्रभाव की चर्चा रही है।
मुख्यमंत्री ने दिया साथ, लेकिन नहीं मिली कोई जिम्मेदारी
जीरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरप्रीत सिंह सेखों का पार्टी में स्वागत किया। हालांकि पार्टी में शामिल किए जाने के दौरान उन्हें फिलहाल कोई संगठनात्मक या सरकारी जिम्मेदारी नहीं दी गई है। मंच पर जीरा के विधायक नरेश कटारिया सहित स्थानीय आप नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
मान की तारीफ में बोले सेखों
पार्टी में शामिल होने के बाद गुरप्रीत सिंह सेखों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने सरकार की नीतियों और कामकाज का समर्थन करते हुए पार्टी के साथ आगे सक्रिय रूप से काम करने का संकेत दिया। उनके समर्थकों की बड़ी मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।
जीरा में सेखों की आप में एंट्री को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बनने वाले नए राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ आम आदमी पार्टी के पास मौजूदा विधायक नरेश कटारिया हैं।
वहीं अब सेखों के साथ जुड़े समर्थक आधार के पार्टी के पाले में आने से स्थानीय राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि सेखों को फिलहाल कोई पद या जिम्मेदारी नहीं दी गई है, लेकिन मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उनका पार्टी में शामिल होना अपने आप में राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
जीरा की राजनीति में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गुरप्रीत सिंह सेखों की सक्रिय राजनीति में एंट्री और उनके समर्थक आधार का आगामी समय में आम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति पर कितना असर पड़ेगा। फिलहाल इतना जरूर है कि सेखों की आप में एंट्री ने जीरा की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा को हवा दे दी है।