बिजनेस डेस्क,नई दिल्ली: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खबर है। पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने NPS के तहत काम करने वाले Point of Presence (PoP) के नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इनका मकसद NPS की पहुंच को बढ़ाना, डिजिटल तरीके से खाता खोलने और सर्विस लेने को आसान बनाना और छोटे शहरों व दूरदराज के इलाकों तक पेंशन सेवाएं पहुंचाना है।
PFRDA ने 2 सितंबर 2026 को PFRDA (Point of Presence) Regulations, 2018 में बदलाव का एक्सपोजर ड्राफ्ट जारी किया है। इस ड्राफ्ट पर हितधारक 2 अक्टूबर 2026 तक अपने सुझाव और आपत्तियां भेज सकते हैं।
1. PoP के होंगे दो अलग मॉडल
सबसे बड़ा बदलाव PoP के काम करने के तरीके में हो सकता है। PFRDA ने PoP को Physical Mode और Digital Mode में बांटने का प्रस्ताव दिया है। Digital Mode में NPS की onboarding और servicing पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। वहीं जो संस्था फिजिकल तरीके से सेवाएं देगी, उसे फिजिकल मोड के तहत रखा जाएगा।
2. ज्यादा संस्थाएं बन सकेंगी PoP
PFRDA ने PoP बनने की पात्रता को भी व्यापक करने का प्रस्ताव रखा है। अभी कुछ वित्तीय नियामकों के तहत आने वाली संस्थाओं के लिए कानूनी ढांचे को लेकर सीमाएं हैं।
प्रस्ताव के बाद पात्र शर्तें पूरी करने पर LLP, सोसायटी, ट्रस्ट और को-ऑपरेटिव सोसायटी जैसी संस्थाओं के लिए भी PoP बनने का रास्ता खुल सकता है। इससे NPS की पहुंच उन इलाकों तक बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जहां अभी पेंशन सेवाओं की पहुंच सीमित है।
3. Physical और Digital PoP के लिए अलग आवेदन
फिजिकल मोड के लिए आवेदन शुल्क ₹10,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने का प्रस्ताव है। वहीं डिजिटल मोड के लिए आवेदन शुल्क नहीं लेने का प्रस्ताव रखा गया है।
4. 5 साल की जगह हर साल फीस
PoP के लिए मौजूदा 5 साल के रिन्यूअल सिस्टम में बदलाव का प्रस्ताव है। इसके बदले हर साल फीस लेने की व्यवस्था लाई जा सकती है। प्रस्तावित वार्षिक फीस PoP की पिछली वित्तीय वर्ष में कमाई गई charges का 1% होगी, लेकिन यह फीस कम से कम ₹3,000 सालाना होगी।
5. छूट के नियम भी होंगे आसान
PFRDA ने कुछ पात्रता शर्तों में छूट का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसमें खास तौर पर ब्रांच की संख्या और वेट वर्थ से जुड़ी पात्रता की क्षमता को भी शामिल करने की बात कही गई है। इससे कुछ पात्र संस्थाओं के लिए PoP के रूप में काम करना आसान हो सकता है।
6. अब ‘पेंशन एजेंट' कहलाएगा ‘NPS मित्र’
प्रस्ताव में एक दिलचस्प बदलाव नाम को लेकर है। ‘Pension Agent’ को ‘NPS Mitra’ नाम देने का प्रस्ताव है। NPS मित्र, PoP के साथ अग्रीमेंट के तहत NPS और PFRDA द्वारा रेगुलेट की जाने वाली अन्य योजनाओं को बांटने में मदद कर सकता है।
7. Inspection और Audit Fee का तरीका बदलेगा
PFRDA ने इन्सपेक्शन और ऑडिट से जुड़ी फीस के प्रावधान को भी आसान बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत फीस के भुगतान का तरीका और प्रक्रिया रेगुलेटर की ओर से जारी गाइडलाइन्स, सरकुलर्स, डायरेक्शन्स या सुझाव के जरिए तय की जा सकेगी।
NPS ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
इन प्रस्तावों का सीधा फोकस NPS के निवेश नियमों को बदलने से ज्यादा NPS तक पहुंच और सर्विस सिस्टम को बदलने पर है। अगर प्रस्ताव लागू होता है तो ग्राहकों को भविष्य में NPS खाता खोलने और सर्विस लेने के लिए ज्यादा डिजिटल विकल्प मिल सकते हैं। वहीं LLP, सोसायटी, ट्रस्ट और दूसरी पात्र संस्थाओं के PoP नेटवर्क में आने से छोटे शहरों और ऐसे क्षेत्रों में भी NPS सेवाओं की पहुंच बढ़ सकती है, जहां अभी विकल्प कम हैं।
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