ट्रंप बार-बार दिखा रहे अपनी ताकत... क्या डर है वजह? साइंस के नजरिए से समझें

ईरान पर प्रतिबंध की बात हो या रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ वाला बिल. ट्रंप लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं, जिससे दुनिया की नजर में वो ताकतवर दिखें. मीडिया इंटरव्यू और रैलियों में भी वह खुद को मजबूत दिखा रहे हैं. मगर ट्रंप से जुड़े लोग और उनके सलाहकार भी ऐसा मानते हैं कि असल में ट्रंप डरे हुए हैं. कैमरों से इतर जब ट्रंप अपने सलाहकारों से बात करते हैं तो वह इसका संकेत देते हैं. वह यह भी कहते हैं कि राजनीतिक माहौल खराब है. हमें रिपब्लिकन को नुकसान से बचाना होगा.

द वॉशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है. रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि ट्रंप खुद ये समझते हैं कि ईरान युद्ध पर लिए गए उनके फैसलों ने रिपब्लिकन के लिए चुनाव में माहौल खराब किया है. हालांकि ट्रंप ने सार्वजिनक तौर पर ये कभी जाहिर नहीं होने दिया. इसका कारण साइंस है. दरअसल कई रिसर्च में ऐसा साबित हो चुका है कि जब कोई नेता संकट या दबाव में होता है तो खुद को ज्यादातर ताकतवर पेश करता है. मनोविज्ञान में इसे इम्प्रेशन मैनेजमेंट या स्ट्रेटजिक सेल्फ प्रजेंटेशन कहते हैं.

ट्रंप के डर की क्या है वजह?

ट्रंप ने सलाहकारों से बातचीत में ये कहा है कि रिपब्लिकन के खिलाफ माहौल है. हमें इसे कम करना होगा. ट्रंप ने ये बात यूं ही नहीं कही. दरअसल नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव हैं. हाल के हफ्तों में ट्रंप राजनीतिक स्थति की गंभीरता को लेकर सचेत हो गए हैं. वे जनमत सर्वेक्षणों को ध्यान से सुनकर रहे हैं. उनके हालिया बयानों की जानकारी रखने वाले कुछ लोगों के हवाले से द वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि ट्रंप ने उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने का दावा किया है और चुनाव में पूरी ताकत लगाने के लिए कहा है, ताकि वह अपनी स्थिति मजबूत कर पाएं.

आखिर क्या है ट्रंप के इन फैसलों के पीछे साइंस?

जब कोई भी खुद को ताकतवर दिखाने के फैसले ले तो ये माना जाता है कि वह डर छिपाने की वजह से ऐसा कर रहा है. इस पर PubMed ने एक मेटा एनालिसिस किया था. इसमें 100 से ज्यादा अध्ययनों की समीक्षा की गई. इसमें बताया गया कि जब लोगों को अपनी छवि प्रतिष्ठा या आत्मसम्मान पर खतरा महसूस होता है तो वे तीन तरह की प्रतिक्रिया करते हैं. इनमें कंपनसेशन यानी किसी दूसरी जगह अपनी ताकत दिखाना. रेजिस्टेंस यानी प्रतिरोध, जिसका मतलब है खतरे को स्वीकार न करना. ब्रेकिंग यानी टूट जाना जिसे कहते हैं आत्मविश्वास में गिरावट आना.

यानी अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसकी प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहा है तो वह ज्यादा आत्मविश्वासी, आक्रामक या ताकतवर दिखने की कोशिश कर सकता है. मनोविज्ञान में इसे कंपरशेटरी रिस्पॉन्स कहा जाता है. कई बार हालात मैस्कुलिन ओवर कंपनसेशन के भी बनते हैं, ये तब होता है जब पुरुष को लगता है कि उनकी सामाजिक स्थिति या मर्दानगरी पर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में पुरुष ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं.

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खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश

अ्रंप लंबे समय से अपने खिलाफ आ रहे जनमत सर्वेक्षणों को खारिज करते रहे हैं. वे कहते रहे हैं कि ऐसे सर्वे पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि ट्रंप की टीम जब यही सर्वे कर रही है तो वे उसे स्वीकार रहे हैं. ट्रंप के सलाहकारों में शामिल एक व्यक्ति के हवाले से वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि ट्रंप इस समय ज्यादा स्पष्टवादी हो गए हैं. वह चुनावी हालात के बोर में सुन रहे हैं. हालांकि हर बार यह ट्रंप के मूड को सकारात्मक तौर पर नहीं बदल पा रहा. इसीलिए वह खुद को समर्थकों, विरोधियों और जनता के सामने एक मजबूत नेता के तौर पर प्रजेंट कर रहे हैं.

ट्रंप की लोकप्रियता में लगातार हो रही कमी

ट्रंप की लोकप्रियता में लगातार कमी आ रही है. इसका कारण ईरान युद्ध है. जिसकी वजह से तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि 2024 में चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने इन्हें ही कंट्रोल करने का वादा किया था. एक सलाहकार के मुताबिक ट्रंप को निश्चित तौर पर ऐसा लगता है कि उनके कुछ फैस्लों ने उनकी लोकप्रियता को कम किया है.

मई में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या मतदाताओं की आर्थिक चिंताओं के चलते वे ईरान के साथ समझौता करने के लिए मजबूर होंगे, तो उन्होंने कहा मैं अमेरिका के लोगों की आर्थिक स्थति के बारे में नहीं सोचता, मैं बस ये सोचता हूं कि मैं ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकता. कैरोलिना में हाल ही में एक रैली में ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध के कारण अमेरिकियों को पेट्रोल की अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि यह कीमत जायज़ है.

रिपब्लिकन की जीत के लिए ट्रंप प्रतिबंध

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स के हवाले से वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि ट्रंप हमेशा से कांग्रेस में रिपब्लिकन का बहुमत बनाए रखने के लिए प्रतिबंध है. वे अपने व्यावहारिक एजेंडे में कट्टरपंथी डेमोक्रेटस के बीच अंतर जारी रखना चाहते हैं. ट्रंप ने व्हाइट हाउस के मध्यावधि चुनाव प्रचार संदेशों में विशेष रुचि दिखाई है. एक सूत्र के अनुसार, पिछले सप्ताह डलास में सम्मेलन के लिए व्हाइट हाउस से रवाना होने की तैयारी करते समय, राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस से कई विज्ञापन देखे. ट्रंप ने प्रत्येक वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सुधार करने का निर्देश दिया था.

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