ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को चुनौती देने वाले प्रदर्शन बीते कई दिनों से जारी हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका, ईरान की मदद के लिए तैयार है. विरोध-प्रदर्शन की आड़ में अगर अमेरिका ईरान में एयरस्ट्राइक करता है तो तेहरान क्या करेगा? इसका ब्लूप्रिंट सामने आ चुका है.
ईरान की पार्लियामेंट के स्पीकर ने चेतावनी दी कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी के अनुसार अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है तो तेहरान अमेरिकी सेना और इजराइल को टारगेट करेगा. कालीबाफ ने यह धमकी तब दी जब ईरानी संसद में सांसद 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए मंच पर चढ़ गए.
विदेशों में रहने वाले लोगों को डर है कि इंटरनेट पर लगी रोक से ईरान की सुरक्षा सेवाओं के भीतर के कट्टरपंथियों को एक खूनी कार्रवाई शुरू करने का हौसला मिलेगा. भले ही ट्रंप ने चेतावनी दी हो कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए ईरान पर हमला करने को तैयार हैं.
ईरान की मदद को तैयार है अमेरिका: ट्रंप
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए सोशल मीडिया पर कहा, 'ईरान शायद पहले कभी न देखी गई आज़ादी की ओर देख रहा है. अमेरिका मदद के लिए तैयार है.' न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अधिकारियों के हवाले से शनिवार रात को बताया कि ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए सैन्य विकल्प दिए गए थे, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया था.
विदेश विभाग ने अलग से चेतावनी दी, 'राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ खिलवाड़ न करें. जब वह कुछ करने का वादा करते हैं तो वह उसे पूरा करने का वादा करते हैं.'
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने संसद सत्र का सीधा प्रसारण किया. कट्टरपंथी नेता कालीबाफ, ने अपने भाषण में पुलिस और ईरान के अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड, विशेष रूप से उसके स्वयंसेवी बासिज की, विरोध प्रदर्शनों के दौरान 'दृढ़ता से खड़े रहने' के लिए प्रशंसा की. बता दें कालीबाफ खुद भी ईरान में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ चुके हैं.
अगर अमेरिका ने किया अटैक तो ईरान क्या करेगा?
उन्होंने सीधे तौर पर इजरायल को कब्जा वाला क्षेत्र बताया और अमेरिकी सेना को धमकी दी. कालीबाफ ने कहा, 'ईरान पर हमले की स्थिति में, कब्जे वाले क्षेत्र और क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध लक्ष्य होंगे.' उन्होंने कहा कि हम खुद को हमले के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं मानते हैं और खतरे के किसी भी ठोस संकेत के आधार पर कार्रवाई करेंगे.
इस बीच इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच की स्थिति पर 'करीब से नजर रख रहा है.' न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, इजरायली अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रात भर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से ईरान सहित कई विषयों पर बातचीत की.
रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से की अपील
ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी , जिन्होंने गुरुवार और शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों का आह्वान किया था, उन्होंने अपने नए मैसेज में प्रदर्शनकारियों से रविवार को सड़कों पर उतरने का आग्रह किया था. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से ईरान के पुराने शेर और सूर्य वाले ध्वज और शाह के शासनकाल में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों को साथ लेकर 'सार्वजनिक स्थानों पर अपना अधिकार जताने' का आग्रह किया.
ईरान में कब शुरू हुआ प्रदर्शन?
ईरान की मुद्रा रियाल के मूल्य में भारी गिरावट के विरोध में 28 दिसंबर को प्रदर्शन शुरू हुए. रियाल की कीमत प्रति डॉलर 14 लाख से अधिक है और देश की अर्थव्यवस्था पर परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का गहरा प्रभाव है. विरोध प्रदर्शन तेज हो गए और ईरान की धार्मिक सत्ता को सीधे चुनौती देने की मांग में तब्दील हो गई.