सर्दियों में फटी त्वचा हो या रोजमर्रा की स्किन केयर, बोरोप्लस का नाम लगभग हर भारतीय घर में सुना जाता है, लेकिन जैसे ही यह ब्रांड चर्चा में आता है, लोगों के मन में कई सवाल उठने लगते हैं कि आखिर बोरोप्लस बनाता कौन है, इसके पीछे कौन-सी कंपनी है और सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल कि इसके मालिक का धर्म क्या है? आइए समझते हैं.
बोरोप्लस कौन बनाता है
बोरोप्लस एंटीसेप्टिक क्रीम इमामी लिमिटेड (Emami Limited) नाम की भारतीय कंपनी बनाती है. इमामी भारत की जानी-मानी FMCG यानी फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनी है, जो पर्सनल केयर, हेल्थ और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स के लिए मशहूर है. बोरोप्लस के अलावा नवरत्न, झंडू बाम, फेयर एंड हैंडसम और केश किंग जैसे ब्रांड भी इसी कंपनी के पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं.
इमामी कंपनी की शुरुआत कैसे हुई
इमामी लिमिटेड की स्थापना साल 1974 में हुई थी. इस कंपनी की नींव राधेश्याम अग्रवाल और राधेश्याम गोयनका ने रखी थी. दोनों बचपन के दोस्त थे और कोलकाता के एक ही स्कूल में पढ़े थे. उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर सिर्फ 20 हजार रुपये की छोटी सी पूंजी से इमामी की शुरुआत की. उस दौर में लाइसेंस राज था, लेकिन अच्छे और अलग प्रोडक्ट्स की डिमांड हमेशा बनी रहती थी, इसी सोच ने इमामी को आगे बढ़ाया.
बोरोप्लस कैसे बना लोकप्रिय
शुरुआती दौर में इमामी ने ऐसे प्रोडक्ट्स पर ध्यान दिया, जिनकी रोजमर्रा में जरूरत होती थी. बोरोप्लस को एक भरोसेमंद एंटीसेप्टिक क्रीम के तौर पर पेश किया गया. धीरे-धीरे यह क्रीम हर मौसम में इस्तेमाल होने वाला घरेलू प्रोडक्ट बन गई. मजबूत मार्केटिंग और किफायती कीमत ने बोरोप्लस को गांव से लेकर शहर तक लोकप्रिय बना दिया.
झंडू और दूसरे ब्रांड कैसे जुड़े
इमामी ने अपने विस्तार के दौरान झंडू ब्रांड में भी निवेश किया. पहले खुले बाजार से 3.9 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी गई और फिर सितंबर 2007 से मई 2008 के बीच 24 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया गया. इसके लिए करीब 130 करोड़ रुपये चुकाए गए. झंडू की शुरुआत 1920 में जगतराम वैद्य ने की थी और बाद में यह ब्रांड इमामी समूह का अहम हिस्सा बन गया.
मालिक का धर्म क्या है
यह सवाल अक्सर सोशल मीडिया पर पूछा जाता है कि बोरोप्लस या इमामी के मालिक का धर्म क्या है. सच्चाई यह है कि इमामी एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है और इसका किसी भी धर्म से कोई संबंध नहीं है. कंपनी के मालिक ने अब अगली पीढ़ी को कंपनी की कमान सौंप दी है. अब इमामी को उनके बेटे हर्ष वी. अग्रवाल और मोहन गोयनका मैनेजिंग डायरेक्टर और होलटाइम डायरेक्टर के रूप में देखते हैं और दोनों हिंदू धर्म से हैं.
आज कितना बड़ा है इमामी ग्रुप
आज इमामी ग्रुप का कारोबार 60 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है. कंपनी के 130 से अधिक प्रोडक्ट हर सेकंड बिकते हैं. इमामी लिमिटेड का टर्नओवर वित्त वर्ष 2020-21 में करीब 2881 करोड़ रुपये रहा.
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