बिहार बना देश का पहला राज्य जिसने व्यापक गाद प्रबंधन नीति 'बिहार जल संसाधन पुनर्उद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026' लागू की
बिहार, जल संसाधन विभाग द्वारा अधिसूचित **'बिहार जल संसाधन पुनर्उद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026' (Bihar Water Resource Restoration and Silt Management Polic...
चर्चा में क्यों?
बिहार, जल संसाधन विभाग द्वारा अधिसूचित **'बिहार जल संसाधन पुनर्उद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026' (Bihar Water Resource Restoration and Silt Management Policy, 2026)** के माध्यम से एक व्यापक गाद (सिल्ट) प्रबंधन नीति शुरू करने वाला **पहला भारतीय राज्य** बन गया है।
मुख्य विशेषताएं / प्रमुख बिंदु:
- स्वीकृति एवं अधिसूचना:
- बिहार राज्य मंत्रिमंडल द्वारा **15 सितंबर 2026** को मंजूरी दी गई और जल संसाधन विभाग, बिहार द्वारा **17 सितंबर 2026 (अधिसूचना संख्या 803)** को गजट में अधिसूचित किया गया।
- नीति के मुख्य उद्देश्य:
- नदियों, बैराजों, जलाशयों और नहरों की जल-धारण व जल-प्रवाह क्षमता का पुनर्उद्धार करना।
- आवर्ती बाढ़ के जोखिमों को कम करना और नदियों में जमा गाद (सिल्ट) को निर्माण अपशिष्ट के बजाय एक उपयोगी/उत्पादक संपत्ति के रूप में परिवर्तित करना।
- लक्षित नदियाँ:
- गंगा, कोसी, बागमती, कमला-बलान और गंडक जैसी अत्यधिक गाद ले जाने वाली तथा बाढ़-संभावित प्रमुख नदियों पर मुख्य ध्यान।
- किसानों के लिए राहत घटक:
- आपदा प्रबंधन ढांचे के तहत, जिन किसानों के कृषि खेत रेत और गाद में डूब या दब गए हैं, उन्हें भूमि उत्खनन (सफाई) में मदद के लिए राज्य सरकार **प्रति दो हेक्टेयर ₹20,000** की वित्तीय सहायता सीधे प्रदान करेगी।
- 'नदी संजीवनी पहल' एवं MoRTH / NHAI के साथ साझेदारी:
- **2 नवंबर 2026** को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में बिहार सरकार ने **MoRTH** और **NHAI** के साथ एक समझौता ज्ञापन (**MoU**) पर हस्ताक्षर किए।
- **नदी संजीवनी पहल (Nadi Sanjeevani Initiative)** के तहत नदियों और जल निकायों से वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालकर निकाली गई मिट्टी, रेत और सिल्ट का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों और तटबंधों के निर्माण में किया जाएगा।
- NHAI ने बिहार में चल रही और प्रस्तावित राजमार्ग परियोजनाओं के लिए लगभग **243 लाख घन मीटर** (243 lakh cubic metres) गाद की आवश्यकता की पहचान की है।
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स्टैटिक जीके फैक्ट्स (Static GK Facts):
- बिहार जल संसाधन विभाग (Water Resources Department, Bihar):
- उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री: **विजय कुमार चौधरी**।
- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI - National Highways Authority of India):
- स्थापना: **1988** (NHAI अधिनियम, 1988 के तहत; 1995 में परिचालन शुरू) | मुख्यालय: **नई दिल्ली** | मंत्रालय: **सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)**।
- बिहार की प्रमुख नदियाँ:
- कोसी नदी: **'बिहार का शोक' (Sorrow of Bihar)** के रूप में जानी जाती है (अत्यधिक गाद ले जाने और मार्ग बदलने के लिए कुख्यात)।
वन-लाइनर क्विज़ (All Competitive Exams):
Q: व्यापक गाद प्रबंधन नीति (Silt Management Policy) शुरू करने वाला पहला भारतीय राज्य कौन सा है?
A: बिहार
Q: बिहार सरकार ने 'नदी संजीवनी पहल' के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में सिल्ट के उपयोग हेतु किस संस्था के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए?
A: NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण)
Q: बिहार की 'सिल्ट प्रबंधन नीति 2026' के तहत रेत/गाद से प्रभावित खेतों की उत्खनन सफाई के लिए किसानों को कितनी वित्तीय सहायता दी जाती है?
A: ₹20,000 (प्रति 2 हेक्टेयर)
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