आदित्य-L1 ने सौर विस्फोट के असममित प्रसार का खुलासा किया, अंतरिक्ष मौसम की समझ में नई प्रगति
भारत की पहली अंतरिक्ष-आधारित सौर वेधशाला **आदित्य-L1 (Aditya-L1)** ने सौर विस्फोटों के प्रसार को लेकर नया खुलासा किया है। भारतीय ताराभौतिकी संस्थान (IIA) के...
चर्चा में क्यों?
भारत की पहली अंतरिक्ष-आधारित सौर वेधशाला **आदित्य-L1 (Aditya-L1)** ने सौर विस्फोटों के प्रसार को लेकर नया खुलासा किया है। भारतीय ताराभौतिकी संस्थान (IIA) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, **कोरोनल मास इजेक्शन (CME)** पारंपरिक धारणा के विपरीत एक समान (Symmetrical Bubble) रूप से नहीं, बल्कि **असममित (Asymmetric)** रूप से फैलते हैं।
मुख्य विशेषताएं / प्रमुख बिंदु:
- अध्ययन और निष्कर्ष ('द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स' में प्रकाशित):
- 5 अगस्त 2024 को हुए एक CME अध्ययन में IIA वैज्ञानिकों ने आदित्य-L1 के मुख्य पेलोड **VELC**, नासा के **SDO (Solar Dynamics Observatory)** के डेटा और 3D मॉडल का उपयोग कर सौर विस्फोट की 3D संरचना तैयार की।
- VELC के स्पेक्ट्रोस्कोपिक डेटा ने डॉप्लर शिफ्ट (Doppler Shift) के ज़रिए प्लाज्मा की 3D गतिशीलता (Line-of-Sight motion) दर्ज की, जिससे इसकी असममित lateral expansion (झुकाव वाली धुरी) का पता चला।
- VELC पेलोड की भूमिका:
- दृश्यमान उत्सर्जन रेखा कोरोनाग्राफ (**VELC**) को **IIA (होगकोटे, बेंगलुरु)** द्वारा ISRO के सहयोग से विकसित किया गया है। यह 530.3-नैनोमीटर की हरी उत्सर्जन रेखा (Green Emission Line) में कोरोना का अध्ययन करता है।
- अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) पर प्रभाव:
- CMEs के असममित प्रसार से उनकी गति और सौर हवा (Solar Wind) के साथ अंतःक्रिया प्रभावित होती है, जिससे पृथ्वी पर सौर तूफानों के पहुँचने के समय और उपग्रहों व संचार प्रणालियों पर पड़ने वाले प्रभाव का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
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स्टैटिक जीके फैक्ट्स (Static GK Facts):
- आदित्य-L1 मिशन (Aditya-L1 Mission):
- लॉन्च तिथि: **2 सितंबर 2023** (PSLV-C57 रॉकेट द्वारा) | स्थान: **सूर्य-पृथ्वी L1 बिंदु (Lagrange Point 1)**।
- कुल पेलोड: **7** (मुख्य पेलोड: VELC)।
- भारतीय ताराभौतिकी संस्थान (IIA - Indian Institute of Astrophysics):
- मुख्यालय: **बेंगलुरु, कर्नाटक** (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान)।
- ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन):
- स्थापना: **15 अगस्त 1969** | मुख्यालय: **बेंगलुरु**।
वन-लाइनर क्विज़ (All Competitive Exams):
Q: आदित्य-L1 के किस प्राथमिक पेलोड ने सौर विस्फोटों (CMEs) के 3D और असममित प्रसार का खुलासा किया है?
A: VELC (Visible Emission Line Coronagraph)
Q: आदित्य-L1 मिशन को सूर्य-पृथ्वी के किस लाग्रांज बिंदु (Lagrange Point) पर स्थापित किया गया है?
A: L1 बिंदु (L1 Point)
Q: VELC पेलोड को किस प्रमुख संस्थान द्वारा ISRO के सहयोग से विकसित किया गया था?
A: IIA (भारतीय ताराभौतिकी संस्थान, बेंगलुरु)
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