केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता के लिए ₹14,500 करोड़ की योजना को दी मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में **92 गिगावाट-घंटे (GWh)** की ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए...
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में **92 गिगावाट-घंटे (GWh)** की ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए **₹14,500 करोड़** की वायबिलिटी गैप फंडिंग (**VGF - Viability Gap Funding**) योजना को मंजूरी दी है।
मुख्य विशेषताएं / प्रमुख बिंदु:
- योजना का समयकाल एवं क्षमता वितरण:
- यह योजना **2026-27 से 2030-31** की अवधि के लिए लागू की जाएगी।
- कुल 92 GWh क्षमता के तहत:
- **60 GWh:** हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (**PSPs - Pumped Storage Projects**)
- **30 GWh:** बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (**BESS - Battery Energy Storage Systems**)
- **2 GWh:** उभरती हुई ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियां (Emerging Technologies)
- निवेश एवं राष्ट्रीय लक्ष्य:
- इस योजना से लगभग **₹97,600 करोड़** के कुल निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।
- यह नई क्षमता भारत की मौजूदा ग्रिड-स्केल भंडारण क्षमता के 170% के बराबर है और वर्ष 2031-32 तक देश की अनुमानित **411 GWh** की आवश्यकता को पूरा करने में मदद करेगी।
- घरेलू सामग्री आवश्यकता (Domestic Content Requirement - DCR):
- स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए BESS परियोजनाओं में कम से कम **40% घरेलू सामग्री (40% DCR)** का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
- आबंटन प्रक्रिया:
- भंडारण क्षमता का आवंटन टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (Tariff-based competitive bidding) प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
---
स्टैटिक जीके फैक्ट्स (Static GK Facts):
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE):
- केंद्रीय मंत्री: **प्रल्हाद जोशी**।
- वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF - Viability Gap Funding):
- आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण लेकिन वित्तीय रूप से अव्यवहारिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्रदान की जाने वाली एकमुश्त या किस्तों में दी जाने वाली वित्तीय सहायता (Grant)।
- भारत का लक्ष्य:
- वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता और 2070 तक शुद्ध-शून्य (Net-Zero) कार्बन उत्सर्जन।
वन-लाइनर क्विज़ (All Competitive Exams):
Q: हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 92 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए कितनी वित्तीय राशि की VGF योजना को मंजूरी दी?
A: ₹14,500 करोड़ (₹14,500 Crore)
Q: कैबिनेट द्वारा स्वीकृत 92 GWh ऊर्जा भंडारण योजना के तहत BESS के लिए कितनी न्यूनतम घरेलू सामग्री आवश्यकता (DCR) अनिवार्य की गई है?
A: 40% (40% Domestic Content Requirement)
Q: वर्ष 2031-32 तक भारत की अनुमानित ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण आवश्यकता कितने GWh रखी गई है?
A: 411 GWh
#EnergyStorage #UnionCabinet #VGFScheme #BESS #PumpedStorage #RenewableEnergy #CurrentAffairs #StaticGK
More in राष्ट्रीय
View allअग्निपथ योजना में ऐतिहासिक संशोधन: 75% अग्निवीरों को मिलेगा 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (**CDS**) जनरल **एनएस राजा सुब्रमणि (General N.S. Raja Subramani)** ने **अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme)** में एक...
बुजुर्गों और युवाओं के बीच की दूरी पाटने के लिए केंद्र सरकार ने शुरू किया 'वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान'
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और युवा पीढ़ी के बीच निरंतर जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए **'वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' (Vayo Samman National Campaign)** की...
IEA रिपोर्ट: भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता चार गुना हुई, आयात में $100 अरब से अधिक की बचत
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (**IEA**) द्वारा जारी **‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा बाजार रिपोर्ट 2026’** (India Renewable Energy Market Report 2026) के अनुसार, पिछले एक...
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्रिटिकल मिनरल्स (लिथियम और निकल) प्रोसेसिंग के लिए ₹2,814 करोड़ की कैपेक्स सहायता योजना को दी मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लिथियम और निकल जैसे क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) के घरेलू प्रसंस्करण (Domestic Proc...