भूमि और पर्यावरण 3 min read

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के 5 वर्ष (2022-2026): रैंकिंग से स्वच्छ-वायु प्रशासन की ओर विकास

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (**NCAP**) के तहत वर्ष 2022-23 में शुरू किए गए **'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण' (Swachh Vayu Sarvekshan - SVS)** के 5 वर्ष पूरे हो च...

चर्चा में क्यों?

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (**NCAP**) के तहत वर्ष 2022-23 में शुरू किए गए **'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण' (Swachh Vayu Sarvekshan - SVS)** के 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 31 अक्टूबर 2026 को जारी विश्लेषण के अनुसार, 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी (Category-I) में **लखनऊ** (198/200 स्कोर के साथ) शीर्ष स्थान पर रहा, जिसके बाद **इंदौर**, **जबलपुर**, **भोपाल** और **आगरा** का स्थान रहा।

मुख्य विशेषताएं / प्रमुख बिंदु:

- स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 रैंकिंग (10 लाख+ आबादी / Category-I):

1. **लखनऊ (उत्तर प्रदेश)** – पहला स्थान (198/200 अंक; औसत PM10: 135 µg/m³)।

2. **इंदौर (मध्य प्रदेश)** – दूसरा स्थान।

3. **जबलपुर (मध्य प्रदेश)** – तीसरा स्थान।

4. **भोपाल (मध्य प्रदेश)** – चौथा स्थान।

5. **आगरा (उत्तर प्रदेश)** – पाँचवाँ स्थान।

*(नोट: शीर्ष 5 में से 3 शहर मध्य प्रदेश से हैं)।*

- सर्वेक्षण और मूल्यांकन प्रक्रिया का विकास:

- इस सर्वेक्षण की निगरानी **केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)** और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा की जाती है। प्रविष्टि व रिपोर्टिंग **PRANA पोर्टल** के माध्यम से की जाती है।

- 2026 के सर्वेक्षण का दायरा बढ़ाकर **वार्ड स्तर** तक कर दिया गया, जिसमें देश भर के 7,400 से अधिक वार्डों ने भाग लिया।

- **वेटेज आवंटन:** Category-I शहरों के लिए सड़क धूल (20%), वाहन उत्सर्जन (20%), औद्योगिक उत्सर्जन (20%), और अपशिष्ट/बायोमास दहन (20%) को 20-20% भार दिया गया है; जबकि PM10 स्तर में सुधार का भार 2.5% रखा गया है (क्योंकि यह सर्वेक्षण शहर के प्रबंधन प्रयासों का मूल्यांकन करता है, न कि केवल वायु गुणवत्ता का)।

- NCAP की समग्र प्रगति (2017-18 बेसलाइन बनाम 2025-26):

- NCAP के तहत 130 शहरों में से **108 शहरों में PM10 सांद्रता में कमी** दर्ज की गई।

- 72 शहरों ने 20% से अधिक की कमी दर्ज की, जबकि 26 शहरों ने 40% से अधिक की कमी हासिल की।

- 14 शहरों ने 'राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों' (NAAQS - वार्षिक मानक 60 µg/m³) को पूरा किया।

स्टैटिक जीके फैक्ट्स (Static GK Facts):

- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP):

- लॉन्च वर्ष: **जनवरी 2019** | लक्ष्य: 2026 तक PM10 और PM2.5 के स्तर में 40% तक की कमी लाना (बेसलाइन वर्ष: 2017-18)।

- नोडल मंत्रालय: **पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC)**।

- केंद्रीय पर्यावरण मंत्री: **भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav)**।

- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB):

- स्थापना: **22 सितंबर 1974** (जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 1974 के तहत)।

- मुख्यालय: **नई दिल्ली**।

- PRANA पोर्टल:

- पूरा नाम: **Portal for Regulation of Air-pollution in Non-Attainment cities** (NCAP के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए)।

- नीली हवा/स्वच्छ वायु दिवस: **7 सितंबर** (International Day of Clean Air for Blue Skies)।

वन-लाइनर क्विज़ (All Competitive Exams):

Q: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी (Category-I) में किस शहर ने पहला स्थान प्राप्त किया है?

A: लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

Q: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के 10 लाख से अधिक आबादी वाले शीर्ष 5 शहरों में से कितने शहर मध्य प्रदेश राज्य से हैं?

A: 3 शहर (इंदौर, जबलपुर, भोपाल)

Q: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत शहरों द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार और कार्यान्वयन रिपोर्टिंग किस डिजिटल पोर्टल पर की जाती है?

A: PRANA पोर्टल (Portal for Regulation of Air-pollution in Non-Attainment cities)

Q: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की स्थापना किस वर्ष की गई थी?

A: वर्ष 1974 में (22 सितंबर 1974)

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