Political update: INDIA bloc meeting amid row over Nitish Kumar’s exit
इंडिया गठबंधन की बैठक जो दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हो रही है, उसकी तस्वीरें आप देख रहे हैं। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों का ये नामांकन जो आज दाखिल हो रहा है। आज ही सुबह समाजवादी पार्टी की तरफ से 2 राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया, जिसमें 1 प्रोफेसर राम गोपाल यादव, जिनके नाम की चर्चा तो चली रही थी, लेकिन जो दूसरा नाम है धनराज नाथवानी का, वो बेहद चौंकाने वाला, हैरान करने वाला उद्योगपति, सांसद परेमल नाथवानी के बेटे हैं। पहली बार राज्य सभा के उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं और अखिलेश यादव ने सोमवार को जो कहा था कि चौका देंगे, वो सरप्राइज़ दे देंगे और वाकई में सरप्राइज़ दे दिया। धनराज नथवाणी के नाम का जीस तरीके से आज समाजवादी पार्टी ने ऐलान किया और फिलहाल तो नामांकन चल रहा है। इस बीच कल कांग्रेस की बैठक जो हुई है, नीतीश कुमार के नाम की इसमें चर्चा हो गई। सूत्रियां बता रहे हैं, दिग्विजय सिंह ने कह दिया 2024 से पहले नीतीश कुमार को जाने नहीं देना चाहिए था और जवाब में सोनिया गाँधी ने क्या कहा? सोनिया गाँधी ने जवाब में कहा, नीतीश कुमार बाहर जाने के लिए पहले से रास्ता तलाश रहे थे। अच्छा हुआ, नीतीश कुमार पहले ही चले गए। बाद में जाते तो गठबंधन को और नुकसान होता। तो दिग्विजय सिंह की तरफ से नीतीश कुमार को नहीं जाने दिया जाना चाहिए था। ये कहा, जीस पर सोनिया गाँधी की तरफ से कहा गया, बहुत ही अच्छा हुआ, पहले ही चले गए। इस पर अब बीजेपी प्रतिक्रिया दे रही है। क्या कह रहे हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह? सुनिए, नीतीश कुमार जी कभी जीवन में ना भ्रष्टाचारियों को प्रश्रय दिया, ना देश विरोधियो को प्रश्रय दिया, राष्ट्र के साथ जुड़े रहे और राष्ट्र हित में काम किया। मुख्यमंत्री हों या देश के केंद्र में मंत्री हों, लेकिन सोनिया गाँधी जो देश के साथ द्रोह की सदस्य भारत की नागरिकता 15 साल बाद ली। ये सोनिया गाँधी दूसरों को क्या कहेगी? हमारे गांव की कहावत है, चलनी दूसरे सूट को जिसमें सहस्त्र छेद। सोनिया गाँधी का नैतिक ताकत नहीं है, वो नीतीश कुमार के ऊपर। पर हार कर सके और उनको देश उनको गद्दार कर सके। उन्होंने आज तक किसी के साथ गद्दारी नहीं की। सीधे आपको लेकर चलेंगे। हमारे साथ हमारे सहयोगी मोहित इस वक्त हमारे साथ मौजूद हैं। मोहित, ये सोनिया गाँधी ने नीतीश कुमार को लेकर जीस तरीके की टिप्पणी की है। एक और मोर्चा अपने खिलाफ़ खोल लिया। देखिये कांग्रेस वर्किंग कमेटी कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी नीती निर्धारक इकाई है। कल इसकी बैठक करीब 2.5 घंटे तक चली और उस बैठक में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2024 से पहले नीतीश कुमार को अगर रोक लिया जाता तो स्थितियां कुछ और हो सकती थी। तुरंत जो है, श्रीमती सोनिया गाँधी ने जवाब दिया और कहा कि अच्छा हुआ कि वक्त से निकल गए, नहीं तो इंडिया गठबंधन को ज्यादा नुकसान होता। तो ये बड़ी बात सोनिया गाँधी ने इस बैठक में कही है। कुछ खबरें ये भी आ रही हैं कि सोनिया सुनिए गाँधी ने नीतीश कुमार को गद्दार कहा, गद्दार शब्द का इस्तेमाल सुनिए, गाँधी ने इस बैठक में नीतीश कुमार को लेकर नहीं किया था। उन्होंने ये कहा था कि अच्छा हुआ कि हम वक्त रहते बच गए, वक्त रहते इंडिया गठबंधन बच गया। अगर ये नीतीश कुमार को जाना ही था तो अगर लेट से जाते तो इंडिया गठबंधन को नुकसान हो, हो ज्यादा होता। अच्छा हुआ कि वो पहले चले गए। सुनिए, गाँधी ने ये भी कहा कि लगातार नीतीश कुमार बाहर जाने का रास्ता तलाश रहे थे और एक ऐसा वक्त आया कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से इंडिया गठबंधन को छोड़ कर चले गए थे। सही बात है, हैरानी तो इस बात को लेकर होती है कि दिग्विजय सिंह जैसे परिपक्व राजनेता जो बेसिक बात नहीं समझ पाते हैं कि भाई जाने वाले को कौन रोक सका है और सही सोनिया गाँधी की तरफ से कहा गया कि वो तो उस समय 2024 वाला जो पूरा घटनाक्रम था, किस तरीके से उनको लेकर एक असमंजस की स्थिति बनी हुई थी और कैसे वो जाने के रास्ते तलाश रहे थे और आखिरकार उन्होंने पल्ला बदला, पलटी मारी, जिसके तौर पर पहचान नीतीश कुमार रखते हैं, लेकिन शशांक अब क्यों के साथ बीजेपी का है? इसीलिए नीतीश कुमार के सम्मान में बीजेपी मैदान में। देखिये नीतीश कुमार अचानक से चर्चा में आ गए हैं। देखिये राजद नेता भाई बीरेंद्र ने कहा था, उसके बाद राजद प्रधान महासचिव रंजीत साहू ने कहा था। कल ही एबीपी न्यूज़ से बातचीत में राजद नेता मुकेश वसंत ने भी दावा किया कि महागठबंधन में नीतीश जल्द आएँगे। दीपावली बाद बिहार में सत्ता परिवर्तन होगा। हालांकि देखिये, कल जो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी, उसमें सोनिया ने नीतीश को गद्दार कहा या नहीं कहा, ये अभी स्पष्ट नहीं है। गिराज दावा कर रहे हैं कि सोनिया ने नीतीश को गद्दार कहा है, तो सोनिया में इतनी नैतिक ताकत नहीं की वो नीतीश को जो है गद्दार कर सके। नीतीश ने कभी भी देशद्रोहियों का समर्थन नहीं किया। हमेशा राष्ट्र हित से जुड़े जो काम जो है वो किये है। जदयू भी साफ तौर से कह रही है कि नीतीश कुमार कहीं जाने वाला नहीं है, लेकिन नीतीश अचानक से सियासत की केंद्र में आ गए है। देखिये, कार्य समिति की बैठक हुई थी कल दिल्ली में कांग्रेस की, जिसमें वरीष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ये कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश अचानक चले गए थे। इंडिया गठबंधन को छोड़कर अगर वो नहीं जाते तो हम लोगों को बताते हैं आपको की नीतीश उस समय में संयोजक बनना चाहते थे, लेकिन बनाया नहीं गया तो कहा जाता है की यही कारण है की वो इंडिया गठबंधन से अलग हो गए थे। तो सोनिया ने इस पर ये जवाब दिया की वो पहले से ही बाहर जाने का रास्ता तलाश रहे थे। अच्छा हुआ वो चले गए। बाद में जाते तो कट्टरपंथी हो जाते।