Iran attack on America ईरान ने ballistic missile से फूंक डाले कई US fighter jets
मिडिल एक बार फिर मिसाइलों की गड़गड़ाहट से आसमान में आग के घोले दिखाई दिए और कुछ ही मिनटों में ऐसी खबरें सामने आने लगी। जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपने और खींच लिया। जी हाँ, ईरान ने दावा किया है की उसने अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों और ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद अब तय है की अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। क्नॉइस ईरान के इस्लामिक यानी की आई आर जी सी के मुताबिक ये है हमला ऑपरेशन के चौदहवीं चरण के तहत किया गया। ईरान का दावा है कि बेलिस्टिक मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए उसने जॉर्डन में खड़े कई अमेरिकी रीफ्यूलिंग एयरक्रॉफ्ट। और फोइटर जेट्स को तबाह कर दिया, जबकि कई अन्य विमानों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। आई आर जी सी ने अपने बयान में कहा कि एक कार्रवाई इरानी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए की गई है। इसके साथ ही सीरिया के अल तेनोफ में स्थित अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन कमॅंड सेंटर पर भी हमला किए जाने का। दावा किया गया है। हालांकि अमेरिका की ओर से अभी तक इन दावों पर कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उधर जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाली तीन इरानी मिसाइलों को मार गिराया। जॉर्डन ने अमेरिकी किसान विमानों को हुए किसी भी नुकसान की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में युद्ध के मैदान से आ रहे सूचनाओं को लेकर अभी तक कॅन्फ़्यूज़न की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच अमेरिका ने भी ईरान पर दबाव बढ़ाना जारी कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने लगातार छठवीं बार इरानी चिकानों पर हमला किया। इस बार के आसपास मौजूद सैनिक ढांचे? और तेहरान में ऑपरेशनल नेटवर्क से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया गया है। इरानी मीडिया का दावा है कि हरमोजगान प्रांत के बंदर खमीर क्षेत्र में अमेरिकी हमलों के दौरान दो महत्वपूर्ण पुल छतिग्रस्त हो गए। सरकारी प्रसारक आई आर आई बी के मुताबिक इन हमलों में सात नागरिक की मौत हो गई। जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। फास्ट न्यूस एजेंसी ने बताया कि बंदर अब्बास को लार शहर से जोड़ने वाला प्रमुख कहरिस्तान फूलवी हमले में प्रभावित हुआ है। ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी मिसाइल हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कतर कुवैत को निशाना बनाया गया, जिसमें कुवैत के एक पावर और वाटर डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि हमलों के नुकसान का पूरा ब्योरा अभी तक सामने नहीं आया। में बढ़ते इस संघर्ष ने पूरी दुनिया की चिंता अब बड़ा दी है। अगर दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई इसी तरह जारी रही। तो ये टकराव क्षेत्रीय सीमाओं से निकलकर बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप ले सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें वाशिंगटन और तेहरान पर चुकी है, जहाँ से आने वाला हर बयान इस युद्ध की दिशा तय कर सकता है। ईरान, अमेरिका जंग अब नेक्स्ट लेवल पर पहुँच गई है। महज कुछ सेकंड का एक वीडियो ईरान ने अपने मीडिया हैंडल के जरिए बड़ी चतुराई से जारी करवाया है, जिसमें आई आर जी सी यानी पाज दारन इस्लाम के पूर्व चीफ जो अब दुनिया में भी नहीं रहे हैं उन्हें दिखाया गया है और वह ईरान की मिसाइल सिटी का दौरा कर रहे हैं। इस बहाने ईरान ने फिर अपने दुश्मनों को अपने हथियारों की एक झलक दिखा दी है कि हमसे पंगा लेने से पहले देख लो हमारी ताकत। कहा जाता है कि ऐसी कई मिसाइल सिटी ईरान में मौजूद है जहाँ पहाड़ों के नीचे खुफिया तौर पर हजारों मिसाइल और ड्रोन तैयार हैं। दरअसल, अमेरिका की हरकत से ईरान बेहद गुस्से में है। जीस तरह से अमेरिका ने ईरान में मासूम बच्चों के एक कैंसर अस्पताल पर अटैक किया था जिससे वहाँ अफरा तफरी मच गई थी। जैसे तैसे 211 मरीजों को सुरक्षित निकाला गया था। ईरान का पारा चढ़ गया है। उसने साफ कह दिया है कि ये एक बर्बर हमला है। और इसके साथ ही ईरान के सेंट्रल कमान्ड खत्म अल्अंबिया ने सीधी वार्निंग जारी कर दी है कि यदि वाशिंगटन ने इरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया तो जवाब में ईरान पूरे खित्ते के बुनियादी ढांचे को तबाह कर देगा। एक तरफ तो अमेरिका ईरान में आई आर जी सी के रणनीति ठिकानों पर हमला करने का दावा। खुद कर रहा है और दूसरी तरफ अहवाज में शहीद वाकई हॉस्पिटल एंड चिल्ड्रेन कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर पर मार दिया। यही वजह है कि ईरान की ये आखिरी चेतावनी दुनिया को सहमाने वाली है। ईरान ने कहा है कि अब ये हरकत दोबारा हुई तो जवाब ज्यादा पावर के साथ होगा। ईरान ने यह भी बता दिया है कि हमने ऐडेंटिफै कर लिया है कि तुम्हारी रेंज कहाँ कहाँ तक है। हम सब जगह मानेंगे और बहुत बुरा मारेंगे। इतना ही नहीं ईरान ने अपने हिमायती यमन के हूती या अंसारुल्लाह को भी सीधे तौर पर हिदायत दे दी है। या अगर अमेरिका? इजराइल के उपसावे में अरब देशों की मदद से हमारे सिविलियन ठिकानों पर हमला करता है। तो होती तुरंत तेल, गैस और जरूरी सामान के संबंधी रास्ते बाब अलमंडब को तुरंत बंद कर दे और लाल सागर से गुज़रने वाले दुश्मनों के सभी जहाजों पर मिसाइल मारना शुरू कर दे। एक्स्पर्ट कहते हैं की दरअसल ईरान में सुप्रीम लीडर के एक एडवाइजर हर वक्त यमन के हूती या अंसारुल्लाह से कोवोर्डैनेट करते रहते हैं और ईरान में सुप्रीम लीडर के इशारे पर आई आर जी सी की एक आवास पर यमन के अंसारुल्लाह लाल सागर पर छा जाते हैं। एक बार रेड सी पर बाबर मंडप रुका तो एशिया से यूरोप का सीधा संपर्क टूट जाएगा और फिर पूरा अफ्रीका घूम कर जाना पड़ेगा। एक एक चीज़ महंगी हो जाएगी त्राहि त्राहि मच जाएगी। मिडिल ईस्ट एक्स्पर्ट अशरफ ज़ैदी कहते हैं कि अमेरिका एक हफ्ते तक इसी तरह की आक्रामकता दिखाएगा। और फिर बातचीत के टेबल पर आ जाएगा। जैसे जैसे अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन करीब आते जाएंगे वैसे वैसे जंग बंदी की बात होगी, शांति की बात होगी क्योंकि अब अमेरिका में भी आयल रिज़र्व घट रहे हैं। यही स्पीड रही तो महाशक्ति का दिवाला निकल जाएगा। बकौल अशरफ ज़ैदी, ईरान का क्या है? वो तो 50 सालों से सैंक्शन्स में है। उसने जो कर लिया है वो कोई और कर नहीं सकता। वो कल भी खुदा के भरोसे था। आज भी खुदा के भरोसे है। लेकिन अगले हमले और कार्रवाई अमेरिका और दुनिया दोनों को हिलाकर रख देंगे। अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं रही। तेहरान की सड़कों पर भी अब एक ऐसा संदेश दिखाई दे रहा है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरान की राजधानी में एक विशाल बिल बोर्ड लगाया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को काले ताबूत में दिखाया गया। बिल बोर्ड पर साफ लिखा है वी विल किल ट्रंप। यानी हम ट्रंप को मारेंगे। आखिर ये बिल बोर्ड क्यों लगाया गया? मिनाब की याद में लिखने का क्या मतलब है? और डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ऐसी धमकियों पर क्या जवाब दिया था, चलिए आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच तेहरान के मशहूर एंगेलाब चौक पर लगाया गया या बिल बोर्ड। अब चर्चा का विषय बन गया है। ईरान की अर्ध सरकारी मीडिया के मुताबिक विलबोर्ड में डोनाल्ड ट्रंप को एक काले ताबूत में लेटा हुआ दिखाया गया है।