Ram Mandir controversy: टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से होती थी फोन पर बात? BJP के दावे से बवाल

राम मंदिर दानचोरी अब अखिलेश तक पहुंची आज क्या टिनू यादव की अखिलेश यादव से होती थी फ़ोन पर सीधी बात? बीजेपी के सनसनीखेज आरोप, सपा का पलटवार, अखिलेश ने दे डाली खुली चेतावनी अयोध्या के राम मंदिर में दानचोरी का मामला हर दिन नया मोड़ ले रहा है। पहले चोरी के आरोप फिर करोड़ों के चढ़ावे पर सवाल और अब सियासत सीधे सपा मुखिया अखिलेश यादव के दरवाजे तक पहुँच गई। जीस टिन्नू यादव पर दान के लाखों रुपए गायब करने के आरोप है। जीस पर ऐफ़ आई आर दर्ज और जिसके घर से नगदी बरामद होने की बात सामने आई। अब उसी टिन्नू यादव को लेकर भाजपा ने ऐसा दावा किया। जिससे उत्तर प्रदेश का राजनीतिक पारा है। हो गया है। बीजेपी का आरोप है की टन्नू यादव समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से लगातार संपर्क में था। कई बार फ़ोन पर उनकी बातचीत हालांकि इन दावों की समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई सबूत तो पेश नहीं किया गया लेकिन आरोपों ने ऐसा तूल पकड़ लिया की सपा नेताओं से लेकर। खुद अखिलेश यादव को सफाई देने मैदान में उतरना पड़ा। कहीं थाने में शिकायत दी गयी तो अखिलेश यादव ने सीधे मुकदमे की चेतावनी ही दे डाली। दरअसल पूरा विवाद तब भड़का जब बी जे पी प्रवक्ता अजय आलोक ने दावा किया की समाजवादी पार्टी की सच्चाई धीरे धीरे सामने आ रही है। टिन्नू यादव की अखिलेश यादव से कई बार फ़ोन पर बात हुई थी। जैसे जैसे इस मामले में परते खुलेंगी, देश को पता चल जाएगा की इन चोरी की घटनाओं के पीछे कौन लोग थे। इसी के बाद बी जे पी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक ट्वीट रेड ट्वीट करते हुए तंज कसा और लिखा की टिनू टीपू से ही तो बात कर रहा था, बस फिर क्या था? अखिलेश यादव ने प्रेस कान्फ्रेंस में सबसे पहले बीजेपी के आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताया और फिर सोशल मीडिया पर साफ चेतावनी दे डाली। पोस्ट हटाइए वरना मुकदमा झेलने के लिए तैयार रहिये। चोर को चोर ही नज़र आ रहा है। बात तो समझ गए होंगे ना नहीं चोर चोर चोर को चोर ही नज़र आ रहा है। क्या कर सकते हैं आप? में आप सारे दीपक की पार्टी को ले करके क्या अभी जब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष आए तो लगा कि संगठनों और सरकार में ऐसा युद्ध चल रहा था कि लखनऊ में कर्फ्यू लगाया? ऐसा लग रहा था? इसपे तो एफआइआर दर्ज कराई। हमारी पार्टी ने जितना भी झूठा प्रचार चल रहा है, सोशल मीडिया पर एक एक कर करके उनपे एफआइआर दर्ज होगी। उसके अलावा कोई रास्ता नहीं। दूसरा ये सरकार से न्याय नहीं मिलने वाला। सरकार शिकायत सुनती नहीं है। एक ये रास्ता है न्यायालय अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने बीजेपी सांसद और विधेयकों को 10 मिनट का अल्टिमेटम देते हुए कहा। की कथित झूठा पोस्ट तुरंत हटाया जाए, सार्वजनिक माफी मांगी जाए, नहीं तो नामजद ऐफ़ आई आर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी लोगों को भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, जिन्होंने इस दावे को आगे बढ़ाया। उधर, हमीरपुर में सपा कार्यकर्ता पुलिस के पास शिकायत ले कर पहुँच गए। जबकि अयोध्या से सपा नेता पवन पांडे ने दावा किया की अगर बी जे पी अपने आरोप साबित कर दे तो वो राजनीति छोड़ देंगे। पूरी भारतीय जनता पार्टी जिसकी परंपरा है झूठ बोलने की, जो ऊपर से लेकर नीचे तक झूठ बोलने की परंपरा है, भारतीय जनता पार्टी में, संघ में बीप में अब उसके तहत ये लोग सोशल मीडिया पर और अन्य जगहों पर इनके प्रवक्ता ये बता रहे हैं। किन्नर सबसे ज्यादा बार अखिलेश यादव तुन्नू यादव की बात हुई। दिन में इतनी बार बात होती थी। अखिलेश यादव के कहने पर तुन्नू ने यह किया मैं अयोध्या का एक छोटा सा समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता कह रहा हूँ। मुझसे आज तक तुन्नू यादव नहीं मिले हैं। हमारी तुन्नू यादव से आज तक फ़ोन पर कोई वार्ता नहीं हुई है। मैं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, संघ, विहिप के नेताओं को चुनौती दे कर कह रहा हूँ। अगर आप में दम है, आप ओरिजिनल है, डुप्लीकेट नहीं है तो साबित करिए, निकालिए वो सीडीआर जिसमें अखिलेश यादव जी और तुन्नू यादव की बात हुई हो। अगर आप साबित कर देंगे तो राजनीति से इस्तीफा दे दूंगा। दोबारा राजनीति नहीं करूँगा वरना अगर आप साबित ना कर पाइएगा। तो जो लुटेरों वाला आपके मुँह पे जो कालिख पता है, लूट का डकैती का अपने मुँह को बंद रखियेगा, जो आप चरित्र हनन करते हैं, झूठ बोलते हैं। इस परंपरा को राजनीति में बंद करिए। आपको बता दें की टिन्नू यादव वही शख्स है जो राम मंदिर दान चोरी मामले में नामजद आरोपी जांच एजेंसियों का दावा है की उसके घर से नगदी भी बरामद हुई। बीते कुछ सालो में उसने जमीनें खरीदी और अलीशान घर बनवाया। दरअसल, मंदिर ट्रस्ट बनने के बाद उसे चड़ावे को बैंक तक पहुंचाने और मैन पावर मनेजमेंट जैसी अहम जिम्मेदारी मिली थी। वो चंपत राय का बेहद खास माना जाता था। फिलहाल एसआइ टी पूरे मामले की तह तक पहुँचने की कोशिश में जुटी और आप सबकी नज़र। इस बात पर है की जांच आगे कौन कौन से राज़ खोलती है और क्या बी जे पी के आरोप सिर्फ सियासत हैं या इसके पीछे कोई ठोस आधार भी? इस पर भी सबकी निगाहें न भारत टाइम्स की रिपोर्ट।