FIFA World Cup: अमेरिका की हार पर ईरान और बेल्जियम का तंज, ट्रंप और फीफा को लेकर उठे बड़े सवाल; क्या है विवाद?

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में बेल्जियम के हाथों अमेरिका की 4-1 से करारी हार के बाद मैदान के बाहर भी विवाद तेज हो गया है। अमेरिकी टीम के बाहर होने के बाद ईरान और बेल्जियम दोनों ने अलग-अलग अंदाज में अमेरिका, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फीफा पर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर भी अमेरिकी टीम की जमकर आलोचना हुई और कई प्रशंसकों ने अपनी ही टीम के प्रदर्शन को शर्मनाक बताया।

बालोगुन विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला

विवाद की शुरुआत तब हुई जब फीफा ने अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का एक मैच का स्वत: निलंबन हटा दिया। उन्हें बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ रेड कार्ड मिलने के बाद अगले मैच से बाहर रहना था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दे दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले को लेकर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बातचीत की थी। इसके बाद कई देशों और फुटबॉल विशेषज्ञों ने इस फैसले को राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ते हुए सवाल उठाए।

 

 

ईरान ने अमेरिका की हार पर कसा तंज

अमेरिका की हार के बाद ईरान फुटबॉल महासंघ के एक प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'अब पूरी दुनिया फुटबॉल के हाथों राजनीति की अपमानजनक हार का जश्न मना रही है।' ईरान पहले भी टूर्नामेंट के दौरान अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर नाराजगी जता चुका था। टीम के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने अपनी टीम को विश्व कप की "सबसे ज्यादा उत्पीड़ित टीम" बताया था। उनका आरोप था कि वीजा में देरी, यात्रा संबंधी प्रतिबंध और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं ने टीम की तैयारियों को प्रभावित किया। ईरान का मानना था कि भू-राजनीतिक तनावों का असर टूर्नामेंट पर भी पड़ा और सभी टीमों को समान परिस्थितियां नहीं मिल सकीं।

 

बेल्जियम ने भी ट्रंप और फीफा को घेरा

अमेरिका को हराने के बाद बेल्जियम ने भी अपने अंदाज में जवाब दिया। इंजरी टाइम में रोमेलू लुकाकू के गोल के बाद कई बेल्जियम खिलाड़ियों ने डोनाल्ड ट्रंप के चर्चित डांस स्टेप की नकल करते हुए जश्न मनाया। इतना ही नहीं, बेल्जियम की आधिकारिक सोशल मीडिया टीम ने जीत के बाद कुछ शब्द लिखे, 'अब इसे भी पलटकर दिखाओ।' इसे बालोगुन का निलंबन हटाए जाने पर सीधा तंज माना गया।

 

कप्तान टीलमांस बोले- विवाद ने हमें और प्रेरित किया

बेल्जियम के कप्तान यूरी टीलमांस ने स्वीकार किया कि बालोगुन विवाद ने उनकी टीम को अतिरिक्त प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो जब हमें इस फैसले की जानकारी मिली तो हमने टीम मीटिंग की। हमने तय किया कि इसका जवाब मैदान पर अपने खेल से देंगे और हमने वही किया। मुझे अपनी टीम पर बहुत गर्व है।'

अमेरिकी फैंस भी अपनी टीम से नाराज

हार के बाद सोशल मीडिया पर अमेरिकी प्रशंसकों ने भी अपनी टीम की जमकर आलोचना की। कई लोगों ने प्रदर्शन को "शर्मनाक" और "बेहद निराशाजनक" बताया। कुछ प्रशंसकों ने तो बेल्जियम को बेहतर खेल के लिए बधाई देते हुए कहा कि जीत पूरी तरह उसकी हकदार थी।

 

 

 

फीफा पर फिर उठे निष्पक्षता के सवाल

अमेरिका की हार के बावजूद बालोगुन के निलंबन को हटाने का विवाद खत्म नहीं हुआ है। उल्टा इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर फीफा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था बड़े टूर्नामेंटों में राजनीतिक दबाव से पूरी तरह मुक्त रह सकती है या नहीं। अमेरिका के विश्व कप से बाहर होने के बाद यह विवाद फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा, बल्कि और गहराता जा रहा है।