Manish Kashyap on Nitin Gadkari E20 पेट्रोल से Innova Hycross खराब होने का दावा, क्या बोली Toyota

कितना परसेंट कम हो गया है? ये तो बहुत कम था, चार पांच का दिखा रहा था, चार पांच का दिखा रहा था अभी चार पांच का, लेकिन गाड़ी 11 का एवरेज दे रहा है और पहले 17 का एवरेज 18 का एवरेज दिया करता था। अच्छा रहेगा तो अच्छा रहेगा। अब ज़रा बताइए नितिन गडकरी जी ड्रामा लगा के रखे आप? देश को बर्बाद कर दिया। नितिन गडकरी जी जितना मोटरसाइकिल और कार वाला है, पेट्रोल गाड़ी वाला है, सब अभी रो रहा है और दुए टु ओनली वॅन रीसन नितिन गडकरी आप है किसी के गाड़ी में चिट्ठी ला दिया जा रहा है, किसी के गाड़ी बीच में ब्रेकडाउन हो जा रहा है। किसी के गाड़ी में एथनोल का मात्रा ज्यादा निकल जा रहा है। कहाँ से हम लोग अपने बाप के यहाँ से एथनोल खरीद के लाए हैं क्या? कहाँ से लाये हैं? हम लोग? हमारा कंपनी है एथनॉल का, हम बनाते हैं एथनॉल पूरे देश की गाड़ी को खत्म कर दिया नितिन गडकरी ने ₹40,00,000 में गाड़ी मैं खरीदा हूँ ₹40,00,000 में अभी नया गाड़ी है, बर्बाद कर दिया नितिन गडकरी पूरे देश को बर्बाद कर दिया नितिन गडकरी अकेले अपने बेटा को प्रॉफिट पहुंचाने के लिए। कहाँ से हम लोग कहाँ से भरवाएंगे हाइड्रोजन में? तो तुम चल सकते हो भाई सरकार कहती है इ 20 पेट्रोल हमारे भविष्य का ईंधन है। कार कंपनी दावा करती है कि उनकी नई गाड़ियां इस तेल के लिए 100 फीसदी तैयार है। लेकिन जब किसी आम आदमी की लाखों रुपये की चमचमाती गाड़ी अचानक बीच सड़क पर जवाब दे दे तो उसके लिए सरकार की नीती और विज्ञान से पहले अपना भारी भरकम नुकसान बड़ा हो जाता है। बिहार के प्रसिद्ध यूट्यूब मनीष कश्यप का वीडियो सोशल मीडिया पर भयंकर वैरल हो गया है, जिसमें। सिर्फ फेसबुक में ही 37 मिलियन से ज्यादा व्यूस आ चूके हैं। पहले वीडियो में मनीष कश्यप ने दावा किया कि उनकी टोयोटा इन्नोवा हाइक्रॉस जो लगभग 12,000 किलोमीटर ही चली है, उसमें इ 20 पेट्रोल भरवाने के बाद से इंजन में भयंकर वाइब्रेशन नॉकिंग और गाड़ी अचानक बंद होने जैसी गंभीर समस्याएं आने लगी। उनका आरोप था कि गाड़ी से निकाले गए फ्युयेल सैंपल में तय माइनक से ज्यादा एथनॉल और भारी गंदगी मौजूद थी। 40% एथनॉल दिख रहा है। इसमें और कचरा भी दिख रहा है। कचरा भी है। यह देखिए। इसमें कचरा भी है। एथनॉल में कचरा मिक्स है। अपने दूसरे वीडियो मनीष कश्यप टोयोटा के सर्विस सेंटर में नजर आते हैं। जहाँ जांच के लिए गाड़ी का फ्युयेल टैंक नीचे उतारा गया था। वो दिखाते हैं कि फ्युयेल फिल्टर और पंप में गंदगी जमा है। अलग अलग जगहों से लिए गए पेट्रोल के सैंपल का रंग भी अलग अलग था। मनीष कश्यप ने सीधा सवाल उठाया कि गाड़ी के फ्युयेल के पर साफ लिखा है अप टु इ 20 पेट्रोल? फिर ये गाड़ी क्यों खराब हुई? उन्होंने इस समस्या के लिए पेट्रोल पंपों की लापरवाही से लेकर सरकार के एथनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम तक की तीखी आलोचना की थी। यहाँ से निकाला गया तो ऐसा पेट्रोल निकला, उसके बाद से इसको खोलके निकाला गया तो फिर ऐसा पेट्रोल निकला इसमें से अंदर। फिर बहुत देर तक हिला हिला के सिर्फ अंदर का जो बचा हुआ था उसको निकाला गया। वो ऐसा निकला और इंजन से निकाला गया तो वो ऐसा निकला चार अलग अलग टाइप का। ये जो है सिर्फ और सिर्फ इससे निकला है। इस मामले पर लगातार तूल पकड़ने और इ 20 पेट्रोल पर उठते सवालों को देखते हुए ऑटोमोबाइल दिग्गज टोयोटा ने एक आधिकारिक बयान भी जारी किया। टोयोटा ने साफ शब्दों में कहा कि कटघरे में इ 20 पेट्रोल नहीं बल्कि गंदा और मिलावटी फ्युयेल खड़ा है। कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि जीस इन्नोवा है क्रॉस की बात कही जा रही है। वो पूरी तरह से इ 20 पेट्रोल के लिए डिज़ैन टेस्टेड और भारत सरकार द्वारा सर्टिफाइड की गई है। तकनीकी जांच में ये पूरी तरह से साफ हो चुका है की इस कार में आई समस्या इ 20 पेट्रोल की वजह से नहीं बल्कि दूषित, गंदे और गैरमानक फ्युयेल के कारण हुई थी। यानी यू ट्यूबर के कार में जो पेट्रोल डाला गया था वो ही पूरी तरह से साफ नहीं था। ने आगे बताया कि गहन जांच के बाद गाड़ी के इंजन और उसके फ्युयेल सिस्टम या किसी अन्य तकनीकी हिस्से में कोई परमानेंट नुकसान नहीं पाया गया। सर्विस प्रोटोकोल के तहत गाड़ी के फ्युयेल टैंक और पूरी फ्युयेल लाइन को खाली करके अच्छे से साफ किया गया। इसके बाद जब उसमें दोबारा सामान्य मानक वाला इ 20 पेट्रोल भरा गया तो गाड़ी बिल्कुल परफेक्ट और सामान्य रूप से काम करने लगी। जिसके बाद गाड़ी को पूरी तरह से ठीक करके ग्राहक को वापस सौंप दिया गया। यहाँ तक कि टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्ज़िक्यटिव वाईस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने भी मामले पर बयान दिया। आई थिंक देर इस लॉट ऑफ मिसन्डर्स्टण्डींग अबाउट दी फ्युयेल फॉर एग्ज़ैम्पल, इफ यू लुक ऐट इट फ्रम दी ऑटोमोटिव सेक्टर। देर इज़ ए लॉट ऑफ मिथ दैट यू नो इफ़ यू यूज़ ई 20 ब्लेंडेड फ्यूल व्हीकल्स विल गेट डैमेज्ड इट्स ए मिथ इट दोएसंत हैपन दिस। वे देर इज़ ए लॉट ऑफ मिथ अबाउट दी अमाउंट ऑफ माइलेज लॉस ऑर दी फ्यूल एफिशिएंसी लॉस येस देर इज़ सम फ्यूल एफिशिएंसी लॉस नो डाउट बट इट इस नॉट सो बिग एस आईटी बीइंग मेड आउट तो बी दी थर्ड थिंग इस देर आईएस लॉट ऑफ मिथ अबाउट थे। एथनोल प्लांट्स बीइंग वेरी डर्टी इन फैक्ट ऑल एथनोल प्लांट्स इन इंडिया आर सपोस्ड टू गेट एनवायरनमेंट क्लियरेंस दे आर सपोस्ड टू बी ज़ेरोएड एफ्लुएंट प्लांट्स एंड दे आर ऑल्सो सपोस्ड टू यूज़ लॉट ऑफ दीज़ स्टफ दैट इज़ क्रिएटेड यू नो बगस एंड ऑल सो दे आर इक्स्ट्रीम्ली क्लीन इन टर्म्स ऑफ देयर प्रोसेसेस सैडली देर इज़ ए। रॉन्ग इम्प्रेशन ऑल्सो बीइंग क्रिएटेड ऑन दैट सो आई थिंक देर इज़ लॉट ऑफ कन्फ्यूज़न एंड लॉट ऑफ देर इज़ वन ऑफ दी अदर मिथ दैट यू नो दी गवर्नमेंट इज़ नाउ टॉकिंग अबाउट ई 85 पीपल आर सेइंग दिस ई 85 विल शैल आई बाइ ए कार बिकॉज़ नाउ ई 85 विल बी कमिंग? परहाप्स व्हॉट दे नीड टू अंडरस्टैंन्ड इज़ ई 85 एंड ई 100 दैट इज़ 85% एथनोल एंड 100% एथनोल इज़ नॉट मैन्ट फ़ॉर रेगुलर कार्स इट इज़ मैन्ट फ़ॉर ए डिफ्रैंट टाइप ऑफ टेक्नोलॉजी विच इज़ कॉल्ड फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल दिस व्हीकल कैन टेक एनी मिक्स ऑफ एथनोल। सो पीपल नीड नॉट वरी ई 20 इज़ दी दी स्टैंडर्ड फ्यूल दैट विल बी अवेलेबल एंड इट इज़ कम्पेटिबल विथ ओल्ड व्हीकल्स एंड न्यू व्हीकल्स ऑल व्हीकल्स सोल्ड आफ्टर फर्स्ट ऑफ एप्रिल। 2023 आर फुली मटेरियाली कम्प्लियंट विथ ई 20 एंड पीपल नीड टू बी रीअशुर दैट इन 2021 बिफोर वी वेंट इंटू ई 20 देर वॉज़ ए वेरी डिटेल्ड साइंटिफिक स्टडी डन बाय दी मोस्ट लीडिंग। ऑटोमोबाइल टेस्टिंग एजेंसी इन दी कंट्री विच इज़ ए आरए आई इट क्लेरली एस्टैबलिश्ड दैट दी पॉसिबल डेमेज टू कार्स एंड टू व्हीलर्स विच आर ओल्ड इज़ नॉट देर इट्स वेरी इन्सिग्निफिकैंट एंड इट ऑल्सो एस्टैबलिश्ड दैट दी फ्यूल एफिशिएंसी लॉस। इस टु दी एक्सटेंट ऑफ़ 224% नॉट सिग्निफिकेंट नोएडा के जवाब पर यूट्यूब ने फिर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर फ्युयेल में गंदगी आई कहाँ से? उन्होंने पूछा कि इसकी जिम्मेदारी पेट्रोल पंप की है, रिफाइनरी की है, वहाँ निर्माता की या फिर सरकार की नीती की? इस पूरे विवाद के बाद टोयोटा ने अपने ग्राहकों से खास अपील की है। कंपनी का कहना है कि खराब क्वालिटी और मिलावटी ईंधन किसी भी आधुनिक गाड़ी की परफॉरमेंस को बिगाड़ सकता है। इसलिए हमेशा किसी भरोसेमंद और प्रमाणिक पेट्रोल पंप से ही फ्युयेल भरवाएं तो कुल मिलाकर कहानी यही है कि सरकार अपनी इ ट्विन की नीती को सही बता रही है। वहीं टोयोटा अपनी तकनीक को सही बता रही है, लेकिन। असली विलन कौन है इसके बारे में अब भी सवाल बने हुए हैं। इस पूरे विवाद और एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर आपके क्या अनुभव रहा है? क्या आपकी गाड़ी में भी कोई समस्या आई है? हमें कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताये। क्नॉइस।