थैंक्यू इंडिया, पाकिस्तान ने भगाया तो भारत ने लगाया मरहम, मदद पाकर खुश हुए अफगानी, जानें कैसे होती है क्रूरता
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काबुल/नई दिल्ली: पाकिस्तान ने जिन अफगानिस्तान के शरणार्थियों को देश से बाहर निकाल दिया भारत ने उनके दर्द पर मरहम लगाया है। भारत के मानवीय मदद भेजने पर अफगानिस्तान के इंफ्लुएंसर ने 'शुक्रिया' कहा है। अफगानिस्तान के इंफ्लुएंसर एस. हैदर हाशमी ने भारत को शुक्रिया कहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा 'पाकिस्तान से जबरदस्ती निकाले गए अफगान शरणार्थियों के प्रति दिखाई गई सहानुभूति और मदद के लिए हम भारत का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं।'
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उन्होंने एक्स पर लिखा 'अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की लगातार मानवीय सहायता के तहत भारत ने अफगानिस्तान के शरणार्थी और पुनर्वास मंत्रालय को परिवार के लिए टेंट सौंपे हैं। इन टेंट का मकसद अफगानिस्तान लौटने वाले लोगों के लिए रहने की जगह और फिर से बसने की जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है।' आपको बता दें कि भारत लगातार अफगानिस्तान की मदद कर रहा है जबकि पाकिस्तान अफगानिस्तान पर गोलीबारी करता आया है।
अफगान शरणार्थियों की मदद के लिए भारत ने भेजी सहायता
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पड़ोसी देशों से अफगानिस्तान लौट रहे अफगान शरणार्थियों की मदद के लिए भारत ने टेंट की एक खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह खेप अफगानिस्तान पहुंच गई है और इसे लौटने वाले अफगान नागरिकों की मदद के लिए तालिबान के शरणार्थी और पुनर्वास मंत्रालय को सौंप दिया गया है। भारत ने हाल के वर्षों में कई बार अफगानिस्तान को मानवीय सहायता दी है जिसमें भोजन, दवाइयां और राहत का अन्य सामान शामिल है।
पाकिस्तान ने कितने अफगान शरणार्थियों को देश से निकाला बाहर?
पाकिस्तान ने अक्टूबर 2023 से अब तक 25 लाख से ज्यादा अफगान शरणार्थियों और नागरिकों को देश से बाहर निकाल दिया है। पाकिस्तान के आधिकारिक आंकड़ों और संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के अनुसार नवंबर 2023 में शुरू हुए क्रैकडाउन के बाद से अब तक करीब 25.6 लाख से 26 लाख अफगान नागरिक वापस अफगानिस्तान भेजे जा चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) के डेटा के मुताबिक इनमें से करीब 2 लाख 60 हजार से ज्यादा लोगों को सीधे तौर पर पाकिस्तानी आव्रजन अधिकारियों की तरफ से कानूनी दस्तावेज न होने के कारण जबरन डिपोर्ट किया गया जबकि बाकी बड़ी संख्या में लोग गिरफ्तारी और कार्रवाई के डर से खुद देश छोड़कर चले गए।
पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों से क्रूरता
रेडियो फ्री यूरोप के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने 'अवैध विदेशियों' को बाहर निकालने के अभियान को जुलाई 2026 में और तेज कर दिया है। इसके तहत पेशावर जैसे इलाकों से ही सिर्फ 20,000 और अफगानों को निकालने की तैयारी चल रही है। शहबाज सरकार ने अब सिर्फ वैध पासपोर्ट वीजा धारकों को ही रहने की अनुमति दी है और पहले मान्य रहने वाले कई अन्य दस्तावेजों को अमान्य कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक अफगान शरणार्थियों से पाकिस्तान की पुलिस क्रूरता करती है। ह्यूमर राइट वाच ने बताया है कि पाकिस्तानी पुलिस रात के समय अफगान बस्तियों में बिना किसी वारंट के दरवाजे तोड़कर घुसती है और लोगों को हिरासत में ले लेती है। इसकी और UN रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस सिर्फ अवैध रूप से रह रहे लोगों को ही नहीं बल्कि उन लोगों को भी प्रताड़ित कर रही है जिनके पास UNHCR के वैध शरणार्थी कार्ड (PoR Cards) या वैध वीजा हैं। पुलिस उनके दस्तावेजों को फाड़ देती है और उन्हें देश से जबरन बाहर निकाल देती है।
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