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सौरमंडल के ग्रहो से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की सूची


  • सौरमंडल में कुल 8 ग्रह हैं।
  • सूर्य के चारों ओर घूमने वाले पिंड को ग्रह कहते हैं।
  • किसी ग्रह के चारों ओर घूमने वाले पिंड को उपग्रह कहते हैं।
  • ‘नॉर्वे’ र्में रात्रि को सूर्य दिखाई देता है।
  • सूर्य से ग्रह की दूरी को उपसौर कहा जाता है।
  • सूर्य के धरातल का तापमान लगभग 6000°C है।
  • सूर्य के रासायनिक संगठन में हाइड्रोजन का 71% है।
  • बुध ग्रह सूर्य का एक चक्कर लगाने में 88 दिन का समय लेता है।
  • वैज्ञानिक योहानेस केप्लर ने ग्रहों की गति के नियम का पता लगाया।
  • अंतरिक्ष में कुल 89 तारा मंडल हैं।
  • सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति है।
  • ‘निक्स ओलंपिया कोलंपस पर्व’ मंगल ग्रह पर है।
  • मशहूर वैज्ञानिक निकोलस कोपरनिकस ने सौरमंडल की खोज की।
  • प्राचीन भारतीय सूर्य को ग्रह मानते थे।
  • सूर्य हाइड्रोजन व हीलियम गैस का गोला है।
  • सौरमंडल में बुध व शुक्र दो ऐसे ग्रह है जिनके उपग्रह नहीं हैं।

  • बुध ग्रह सूर्य का चक्कर सबसे कम समय में लगाता है।
  • शुक्र ग्रह को पृथ्वी की बहन कहा जाता है।
  • मंगल ग्रह रात्रि में लाल दिखाई देता है।
  • केवल पृथ्वी ही ऐसा ग्रह है जिस पर जीव रहते हैं।
  • चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है।
  • पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर लगभग 365 दिन, 5 घण्टे, 48 मिनट व 45.51 सेकेण्ड में एक चक्कर पूरा करती है।
  • पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है।
  • चंद्रमा को जीवाश्म ग्रह कहा जाता है।
  • चंद्रमा एक उपग्रह है।
  • पृथ्वी से चन्द्रमा के लगभग 57 प्रतिशत भाग को ही देख सकते हैं।
  • उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन 21 जून है।
  • पृथ्वी पर 21 मार्च व 23 सितंबर को रात-दिन बराबर होते हैं। सूर्य के उत्तरी गोलार्ध पर विषवत रेखा पर होने के कारण ही 23 सितंबर को दिन व रात बराबर होते है।
  • सूर्य से 1011 वर्षो तक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।
  • सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी ओलिपस मेसी है।
  • अरुण ग्रह या यूरेनस ग्रह हमारे सौरमण्डल का सातवाँ ग्रह है। इसकी खोज 13 मार्च 1781 को वैज्ञानिक विलियम हरशल द्वारा की गयी थी।
  • पृथ्वी द्वारा सूर्य की एक परिक्रमा को सौर वर्ष कहा जाता है।

  • ऋतु परिवर्तन का कारण पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों ओर परिक्रमण और पृथ्वी का अक्षीय झुकाव है। यह झुकाव सूर्य के चारो ओर परिक्रमा के कारण वर्ष के अलग-2 समय अलग-2 होता है जिससे दिन-रात की अवधियों में घट-बढ़ का एक वार्षिक चक्र निर्मित होता है। यही ऋतु परिवर्तन का मूल कारण बनता है।
  • 24 अगस्त 2006 में अंतरराष्ट्रीय खगोल संगठन ने प्लूटो ग्रह की मान्यता को समाप्त करके एक ‘बौने ग्रह’ का दर्जा दे दिया।
  • चंद्रमा द्वारा पृथ्वी की एक परिक्रमा लगाने में लगभग 27 दिन 8 घंटे के समय में लगता है।
  • ज्वार भाटा की स्थिति में सबसे अधिक प्रभाव चंद्रमा का होता है।
  • पृथ्वी, चन्द्रमा और सूर्य की पारस्परिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति की क्रियाशीलता ही ज्वार-भाटा की उत्पत्ति का प्रमुख कारण हैं।
  • चन्द्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी के आ जाने को ही चन्द्र ग्रहण कहते हैं। इस ज्यामितीय प्रतिबंध के कारण चन्द्र ग्रहण केवल पूर्णिमा की रात्रि को घटित हो सकता है।
  • सूर्य ग्रहण एक तरह का ग्रहण है जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के मध्य से होकर गुजरता है तथा पृथ्वी से देखने पर सूर्य पूर्ण अथवा आंशिक रूप से चन्द्रमा द्वारा आच्छादित होता है।
  • चंद्रमा को ‘रात की रानी’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • शुक्र ग्रह को ‘सौंदर्य का देव’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • पृथ्वी 4 जुलाई को सूर्य से सबसे अधिक दूर होती है।
  • पृथ्वी 3 जनवरी को सूर्य के सबसे निकट कब होती है।
  • पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर दिशा में घूमती है।
  • पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमने के कारण ही रात व दिन होते है।
  • भू-कक्ष तल पर भू-अक्ष का झुकाव 66 1/2° होता है
  • सर्वप्रथम मशहूर वैज्ञानिक निकोलस कोपरनिकस ने ही पता लगाया कि सूर्य सौरमंडल का केंद्र है और पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है।
  • ग्रीक के वैज्ञानिक इरैटोस्थनीज ने सर्वप्रथम पृथ्वी की त्रिज्या को मापा था।
  • पृथ्वी की तरह मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना है।
  • इटली के महान वैज्ञानिक गैलीलियो गैलिली ने सन 1610 में बृहस्पति ग्रह की खोज की थी।
  • वरूण ग्रह हरे रंग का प्रकाश उत्सर्जित करता है।
  • सौरमंडल में ‘सी ऑफ ट्रंक्विलिटी’ केवल चंद्रमा पर स्थित है।

  • चंद्रमा के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में 1.3 सेकण्ड का समय लगता है।
  • चंद्रमा को ‘पृथ्वी पुत्र’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • हैली घूमकेतू का आवर्त काल 76 वर्ष का है।
  • मंगल और बृहस्पति ग्रहों के मध्य सूर्य की परिक्रमा करने वाले पिंडों को क्षुद्रग्रह कहते है।
  • पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का किरीट भाग दिखाई देता है।
  • एक कलेंडर वर्ष में अधिकतम 7 ग्रहण हो सकते है।
  • पृथ्वी और सूर्य के बीच औसत दूरी लगभग 150×107°कि होती है।
  • सूर्य की दीप्तिमान सतह को प्रकाश मंडल कहते है।
  • सूर्य का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग 110 गुना है।
  • ग्रहों के आकार के अनुसार उनका घटता क्रम: बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल एवं बुध है।
  • बृहस्पति ग्रह को सूर्य की एक परिक्रमा करने में लगभग 12 वर्ष का समय लगता है।
  • मंगल ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में 687 दिन का समय लगता है।
  • पृथ्वी बनावट एवं आकार में शुक्र ग्रह के समान है।
  • बृहस्पति ग्रह पर एक विशाल धब्बा है। इस धब्बे की खोज पायनियर अंतरिक्ष यान द्वारा की गयी थी।
  • यदि पृथ्वी एवं अंतरिक्ष के बीच वायुमंडल ने हो तो आकाश काले रंग का दिखाई देगा।
  • नेप्चयून (वरुण) ग्रह पर वर्ष दीर्घतम होता है।
  • सूर्य ग्रहण के समय डायमंड रिंग की घटना होती है।
  • सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा का एक सीधी रेखा में होने को सिजिगी कहा जाता है।
  • 22 दिसंबर को दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन होता है।

  • ब्रहाण्ड का व्यास 108 प्रकाश वर्ष है।
  • सूर्य के केंद्रीय भाग को क्रोड कहते है।
  • सौरमंडल का सबसे बड़ा और भारी ग्रह बृहस्पति (जुपिटर) है।
  • सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह बुध ग्रह है।
  • सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह गानीमेड है।
  • सौरमंडल का सबसे छोटा उपग्रह डीमोस है।
  • चन्द्रमा (मून) पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है।
  • बुध ग्रह (मरकरी) सूर्य का सबसे निकट स्थित ग्रह है।
  • वरुण ग्रह सूर्य के सबसे दूर स्थित ग्रह है।
  • शुक्र (वीनस) ग्रह पृथ्वी के सबसे निकट का ग्रह है
  • शुक्र( वीनस) ग्रह सौरमंडल का सबसे अधिक चमकीला ग्रह है।
  • शनि (सैटर्न) ग्रह सौरमंडल का सर्वाधिक उपग्रहों वाला ग्रह है।
  • शुक्र ग्रह को साँझ का तारा के नाम से भी जाना जाता है।
  • वरुण ग्रह सौरमंडल का सबसे अधिक ठंडा ग्रह है।
  • साइरस सौरमंडल का सबसे अधिक चमकने वाला तारा है।
  • शुक्र ग्रह को भोर का तारा के नाम से भी जाना जाता है।
  • बृहस्पति ग्रह को विशाल लाल धब्बे वाला ग्रह भी कहा जाता है।